शुक्रवार, २६ जून, २०२६

अभंग. पैसा

 सिद्ध साहित्यिक समूह 

मोठा अभंग 

विषय .. पैसा 



असताना पैसा | तुकविती मान |

करीती सन्मान.|  जनामधे ||


पैसा हवा तर   | महेनत हवी. |  

शोधा युक्ती नवी | मिळे पैसा ||


जीवनात आहे.| पैसा महत्त्वाचा  |

 दिसे  प्रभुत्वाचा | जगभरी.       ||


किंमत पैशाची. | असतेच भारी   |

दिसतेच न्यारी   |सर्व जगी.       ||


 जन्मभर धावे| पैशासाठी तरी  | 

येत नाही परी | शेवटाला.    ||. 


जाणावी  किंमत  |पैसा येतो कामी |

पूर्णत्वाची हमी   | देतो मनी.    


वैशाली वर्तक 

अहमदाबाद

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