रविवार, ८ जून, २०२५

अभंग..... माझी कविता महास्पर्धा

माझी कविता 

माझी प्रिय सखी |
आहेची  कविता ||
विचार सरिता    |
 वाहे सदा        ||  १

गुज मनातील    |
भावना अव्यक्त ||
करितसे व्यक्त   |
सदा साठी      ||     २

नकळत ओळी |
स्फुरती मनात ||
झरती क्षणात  |
काव्यरुपी      ||       ३

नेटक्या शब्दांची |
सुरेख बांधणी ||
ओळींची मांडणी |               
 कवितेची   ||           ४

चाले शब्द खेळ |
शब्दांना आकार ||
कविता साकार. |
होत असे.        ||       ५   

भाव भावनांचे |
जीवनी ओधळ ||
शब्दांनी ओंजळ |
भरितसे ||.                 ६

मधाळ शब्दात |
कधी प्रबोधन ||
संस्कार जतन |
तीच  करी.    ||.          ७

नित्याचे जाहले |
स्फुरते सहज || 
विषय गरज |
तिज नसे ||.               ८

कविता रचिता |
मिळे सुख भारी ||
मनास उभारी |
मिळतसे ||.               ९

कविता देतसे |
आत्म समाधान ||
शारदेचे दान |
मजलागी.  ||.           १०   







|









कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

टिप्पणी पोस्ट करा

पिवळे पान / पिकले पान

पिकले पान पिवळे पान ,पांढरे केस असती दोन्हीही समान. एकसमान  ऊन पावसाळे साहिलेले जयांना मिळे सदा मान   जैसे पर्णांचे  पिकणे   नियमच असे सृष्ट...