शनिवार, ३० ऑक्टोबर, २०२१

षडाक्षरी माती

प्रजित साहित्यिक समूह
षडाक्षरी काव्य रचना
उपक्रमासाठी
विषय -- माती
   
   *मातीचीच माया*

माती असे माय
जन्मतो कुशीत
  देते अन्न  वस्त्र 
ठेवते खुशीत                1

मातीत रुजता 
बीज अंकुरते
हिरवे शिवार 
मना संतोषते                 2

बळी करी प्रेम 
काळ्या मातीवर
कुरवाळे प्रेम 
जीव तिच्यावर               3

मातीच्या गोळ्याला 
देऊन आकार 
 घट बनवून
कलेला साकार                 4

मातीत जन्मतो
मातीतच अंत
मातीच संभाळी
नको मनी खंत                  5

पडता पाऊस
मातीचा सुगंध
तेव्हा अत्तराचा
फिका वाटे गंध             6

वैशाली वर्तक 
अहमदाबाद

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