मंगळवार, ३० मे, २०२३

चाराक्षरी चित्र काव्य

 अभाम साप धुळे जिल्हा

आयोजित

स्पर्धेसाठी

चित्र काव्य

*लेक लाडकी*


शृंगारिक

रुपे छान

मायलेकी

रूपवान.       1


बहुरंगी

परकर

हिरवट

चोळी वर.     2

 

कन्या रत्न

नटलेले

लडिवाळे

बसलेले.      3


हौस फार 

नटण्याची

कर्ण फुले

घालण्याची.        4



परिधान 

जर तारी

नटलेल्या 

दिसे भारी.         5


 पहा कशा

बसलेल्या

माय लेकी

हसलेल्या. 6



लाल साडी

दिसे खास

शोभे रंग 

हमखास.     7


फुले माळी

अलवार 

पीन लावी

हळुवार.        8


समारंभी

जरी काठी

साडी शोभे

सदासाठी.         9


त्वरा करा

चला आता 

बाकी बोलू

जाता जाता    10



वैशाली वर्तक

अहमदाबाद

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